---
title: "Rajasthan Breakaadhaarchains Protest In Jaipur"
description: "आधार नहीं सुधार चाहिए
संविधान में दी गई स्वतंत्रता के मूल अधिकार का उल्लंघन हैआधार- प्रेमकृष्ण शर्मा
जयपुर 16 जनवरी,
जयपुर शहर के गाँधी सर्कल पर आधार के खिलाफ प्रदर्शन में आधार नहीं अधिकार दो, आधार नह..."
pubDate: 2026-05-05
author: Rethink Aadhaar
category: Uncategorized
originalUrl: https://rethinkaadhaar.in/blog/rajasthan-breakaadhaarchains-protest-in-jaipur
---

आधार नहीं सुधार चाहिए
संविधान में दी गई स्वतंत्रता के मूल अधिकार का उल्लंघन हैआधार- प्रेमकृष्ण शर्मा
जयपुर 16 जनवरी,
जयपुर शहर के गाँधी सर्कल पर आधार के खिलाफ प्रदर्शन में आधार नहीं अधिकार दो, आधार नहीं अनाज चाहिए, आधार धोखा है, आधार की अनिवार्यता बंद करो जैसे नारे लगे. सरकार द्वारा आधार को व्यक्ति के जीवन में हर जगह पर अनिवार्य बना दिए जाने की बजह से गरीबों और वंचितों का जीवन बहुत ही दूभर हो गया है. विभिन्न संगठनों के साथियों ने गाँधी सर्कल पर जोरदार प्रदर्शन किया और हमारे साथ पारदर्शिता के नाम पर जो धोखा किया जा रहा है उसे उजागर किया। । गाँधी सर्कल पर प्रदर्शन में आये लोगों को संबोधित करते हुए मजदूर संगठनों के साथी हरिकेश बुगालिया ने कहा कि गुजरात की धरती से एक गाँधी जी उठे जिन्होंने विदेशियों से देश को आज़ाद कराया और उसी धरती से उठे हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विदेशी और कॉर्पोरेटस को देश को बेच दिया हैचाहे वह भारत में विदेशी निवेश की बात हो  या आधार कार्ड को अनिवार्य करके लोगों की निजी सूचनाओं को कॉर्पोरेट को देकर. प्रदर्शन में सामिल सभी लोगों ने आधार कार्ड को देश और हमारे देश के नागरिकों के लिए खतरा बताया क्योंकि आज यदि किस व्यक्ति का आधार कार्ड डिलीट हो जाये या उसका कार्ड काम नहीं करे तो वह मध्यान्ह भोजन से लेकर किसी भी छात्रवृत्ति एवं किसी भी सरकारी पद के लिए आवेदन तक नहीं कर सकते हैं.
प्रदर्शन से पहले आधार (आधारकार्ड की अनिवार्यता) की राजनीति और उसके पीछे सरकार की मंशा को विनोबा ज्ञान मंदिर में एक बैठक आयोजित की गई जिसमें विभिन्न सामाजिक और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों और देश के विभिन्न विश्विद्यालयों के छात्रों ने हिस्सा लिया. बैठक में शुरुआत में सूचना एवं रोज़गार अधिकार अभियान से जुड़े मुकेश निर्वासित ने आधार की राजनीती और उससे गरीबों और वंचितों को होने वाली परेशानियों के साथ-2 आधार के बारे में युवाओं के बीच जो झूंठ फैलाया जा रहा है कि आधार बजह से देश में काला धन बाहर आ जायेगा और इस देश के अमीरों और पूंजीपतियों के साथ साथ भ्रष्टाचारियों को पकड़ा जा सकेगा पर तथ्यात्मक बातें रखी गईं. उच्च और उच्चतम न्यायालय के बरिष्ठ वकील और मानवाधिकार संगठन पीयूंसीएल से जुड़े प्रेमकृष्ण शर्मा ने कहा कि ये संविधान में दी गई स्वतंत्रता के मूल अधिकार का उल्लंघन है इसका हमें हर हालत में विरोध करना चाहिए. उन्होंने अपना स्वयं का उदहारण देते हुए बताया कि आज से 6 वर्ष पहले मेरा आधार कार्ड तो बन गया लेकिन अब मुझे मेरा पासपोर्ट का नवीनीकरण कराना तो आधार मेरे अंगूठे और अँगुलियों के निशान रीड ही नहीं कर रहा है इसलिए मुझे इसके लिए सर्वोच्च न्यायालय में जाना पड़ा है.